जैसा कि आप लोग जानते हैं कि भारत और रूस के रिश्ते हमेशा से बहुत अच्छे रहे हैं। अब एक बार फिर इस दोस्ती को नई दिशा देने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आ रहे हैं।
इस साल के एंड में, यानी 2025 के दिसंबर महीने में होने वाला पुतिन का यह दौरा कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है।
पुतिन का भारत आने की तारीख
भारत सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, व्लादिमीर पुतिन 4–5 दिसंबर 2025 को भारत की दो दिवसीय राज्य यात्रा पर आएंगे।
यह यात्रा भारत–रूस के बीच होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन (Annual Summit) का हिस्सा है।
पुतिन का भारत आना क्यों खास है?
वैसे तो पुतिन भारत के सपोर्ट में हमेशा से ही खड़े रहते हैं, लेकिन इस बार उनका भारत आना बेहद खास माना जा रहा है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं को लेकर चर्चा में है:
- रक्षा साझेदारी को नई मजबूती:
दोनों देशों के बीच लंबे समय से रक्षा क्षेत्र में मजबूत संबंध हैं। ब्रह्मोस के एडवांस्ड वर्जन, हाइपरसोनिक सिस्टम और डिफेंस तकनीक ट्रांसफर पर बात हो सकती है। - ऊर्जा और तेल व्यापार पर बड़ा फोकस:
भारत रूस से कच्चा तेल बड़ी मात्रा में खरीदता है। तेल की सप्लाई, कीमत और लॉजिस्टिक सुधार को लेकर अहम समझौते हो सकते हैं। - अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर रणनीतिक बातचीत:
यूक्रेन संकट, ग्लोबल सिक्योरिटी, एशिया में स्थिरता और मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर जैसे विषयों पर मोदी और पुतिन बातचीत करेंगे। - बड़े आर्थिक समझौते और निवेश:
भारत–रूस व्यापार को 100 बिलियन डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य, साथ ही निवेश, फार्मा, रेल, तकनीक और स्पेस रिसर्च में सहयोग पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
पुतिन के भारत आने से क्या लाभ होगा?
वैसे तो पुतिन भारत कभी भी आ सकते हैं, लेकिन इस बार उनका आना बेहद खास है। इससे भारत को कई बड़े फायदे हो सकते हैं:
- रूस से सस्ती ऊर्जा
- रक्षा तकनीक में मजबूती
- व्यापार और निवेश में तेजी
- ग्लोबल मंच पर भारत की रणनीतिक स्थिति मजबूत
